ई-सेवाओं (ई-सर्विसेज) और आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा नागरिकों को सशक्त करने के अपने वादे पर अमल करते हुए डिजिटल इंडिया की पहली पत्रिका को प्रस्तुत करते हुए, हमें बेहद खुशी हो रही है। सतत प्रयासों के साथ प्रत्येक को अद्यतन रखने के लिए समन्वित सूचना मंच के रूप में यह पत्रिका (न्यूजलेटर) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डिजिटल इंडिया न केवल देश की आकांक्षाओ को पूरा करेगा, बल्कि आम जनता के जीवन में भी बदलाव लाएगा। इस साझा ज्ञान प्रसार के माध्यम से यह पत्रिका सामान रूप से सूचना उपलब्ध कराएगी।

भारत के शासन के बदलाव की यात्रा के संस्मरण आपके समक्ष या डिजिटल इंडिया द्वारा सशक्तिकरण की शक्ति।

स्वतंत्रता के बाद से ही भारत के समक्ष सुशासन और समावेशी विकास प्रमुख चुनौतियां रही है। अतीत से इस परिवर्तन में, भारत को डिजिटली सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करने के लिए भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

डिजिटल इंडिया प्रयासों के बारे में हितधारकों के बीच जागरूकता लाने में हमारा अगला कदम है डिजिटल इंडिया पत्रिका। हर महीने हम सार्वजनिक स्तर पर डिजिटल इंडिया के बारे में जानकारी देंगे। सूचनापरक आलेखों, अद्यतन सूचनाओं, भावी योजनाओं और आगामी कार्यक्रमों के जरिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रमों, नीतियों, और मुख्य पडावों के बारे में सूचना प्रदान की जायेगी।


श्री जे.एस.दीपक, सचिव, डी.ई.आई.टी.वाय


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा कनेक्शन (जुड़ाव)| नरेंद्र मोदी
मोबाइल एप्प।

प्रधानमंत्री और जनता के बीच जुड़ाव बढ़ाने के लिए 17 जून, 2015 को एक अनोखा प्रयास, नरेंद्र मोदी मोबाइल एप्प पेश किया गया। यह मोबाइल एप्प गूग्ल प्ले से डाउनलोड द्वारा उपलब्ध है. इस एप्प के उपभोक्ता प्रधानमंत्री की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, सीधे संदेश प्राप्त कर सकते है, मन की बात सुन सकते हैं, टू-डू टास्क में योगदान दे सकते हैं, अपडेट्स तथा इंफोगग्राफ़िक्स माध्यम से केंद्र सरकार के प्रयासों और उपलब्धियों के बारे में जान सकते हैं और इस मोबाइल प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्री नरेंद्र मोदी के बारे में जान सकते हैं।

अधिक जानिए

देशभर के अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम तथा ई-हॉस्पिटल का आरंभ।

माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया सप्ताह लॉन्च के अवसर पर 1 जुलाई, 2015 को क्लाउड आधारित एंट्रप्राइस ग्रेड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ओआरएस) लॉन्च किया। ओआरएस एन.आई.सी द्वारा विकसित किया गया है। ओआरएस के माध्यम से मरीज़ बाह्य-रोगी (आउट-पेशेंट) परामर्श हेतु डॉक्टरों से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकते है। एम्स, नई दिल्ली पहला अस्पताल था, जिसने शानदार सफलता के साथ ओआरएस लागू किया। कतारों में प्रतीक्षा समय में काफी कमी आई। तब से अब तक 14 अस्पतालों में ओआरएस क्रियान्वित किया गया है, जिसमें डॉ। आरएमएल हॉस्पीटल, नई दिल्ली, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर, सफदरगंज हॉस्पिटल, नई दिल्ली और निम्हांस, बंगलुरु आदि शामिल है।

यह सिस्टम किसी भी ई-हॉस्पिटल एप्लिकेशन से अस्पताल संबंधी डेटा प्राप्त कर सकता है, जैसे कि कोई एप्लीकेशन मूलभूत अस्पताल प्रबंधन सेवाएँ प्रदान करता है। अब तक ओआरएस कार्यान्वयन करनेवाले सभी अस्पतालों में एन.आई.सी के ई-हॉस्पिटल एप्लिकेशन को क्रियान्वित किया जा चुका है।

प्राइवेट क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स के सूचीयन के लिए डी.ई.आई.टी.वाय आमंत्रित करेगा प्रस्ताव हेतु आग्रह।

डिजिटल इंडिया की पहल मेघराज की पहुँच बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डी.ई.आई.टी.वाय) क्लाउड सेवाएँ प्रदान करनेवाली एजेंसियों के सूचीयन हेतु उनसे प्रस्ताव हेतु आग्रह आमंत्रित करने पर विचार कर रहा है। इस सूचीयन का उद्देश्य समर्पित क्लाउड प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तुत सेवाएँ प्रदान करना और सरकारी डेटाबेस तथा एप्लीकेशन्स के लिए सुरक्षित भंडारण (स्टोरेज) तथा पहुंच प्रदान करना है।

राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन एनडीएलएम/दिशा: डिजिटल साक्षरता अभियान: डिजिटल दूरी को कम करना।

इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डी.ई.आई.टी.वाय) ने – “डिजिटल इंडिया” के अंतर्गत – एक डिजिटल समावेशी भारत का निर्माण करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर देशव्यापी डिजिटल साक्षरता अभियान,(दिशा) शुरु किया है। इस अभियान को राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन भी कहा जाता है। डी.ई.आई.टी.वाय योजनाओं का लक्ष्य 52.50 लाख लोगों को डिजिटल साक्षर बनाना है।

प्रमुख केंद्रीय अस्पताल रोल आउट करेंगे ई-हॉस्पिटल और/या ओआरएस।

चौदह अस्पतालों ने ओआरएस के माध्यम से सेवाएँ प्रदान करना शुरु कर दिया है और इस प्लेटफॉर्म का प्रयोग करके 1 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट्स लिए जा चुके है। पांच अस्पताल क्लाउड पर ई-हॉस्पिटल प्रयोग कर रहे है और 1.25 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके है। इसके अलावा, 45 अन्य अस्पताल देशभर में लोकल डेटा सेंटर आधारित ई-होस्पिटल वर्ज़न प्रयोग कर रहे है।

केन्द्र सरकार के भुगतान एवं प्राप्ति (रिसीप्ट) इलेक्ट्रॉनिक होने चाहिए।

यह तय किया गया है कि केन्द्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों एवं उनके संगठनों द्वारा किए जानेवाले सभी भुगतान और रसीदें (रिसीप्ट) दिसंबर 2016 से इलेक्ट्रॉनिक रुप में उपलब्ध होंगे। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में धीरे-धीरे नकदी या कागज आधारित (चेक/ड्राफ्ट आधारित) लेनदेनों को ख़त्म करना है।

सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फॉर इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, बंगलुरु की प्रथम जीसी बैठक का आयोजन।

सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस फ़ॉर इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स की प्रथम जीसी बैठक 17 नवंबर, 2015 को डॉ. अजय कुमार, अधिक सचिव, डी.ई.आई.टी.वाय की अध्यक्षता में इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में आयोजित की गई। श्री एस.चंद्रशेखर, प्रेसीडेंट नैसकॉम, श्री बी.वी.आर मोहन रेड्डी, चेयरमैन, नैसकॉम, प्रो.अनुराग कुमार, निदेशक, आईआईएससी, श्रीमती नीना पाहुजा, महानिदेशक (डीजी), ईआरएनईटी इंडिया तथा श्री संजीव मित्तल, संयुक्त सचिव (इलेक्ट्रॉनिकी), डी.ई.आई.टी.वाय की बैठक में भाग लिया था। सीओई के पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त किए जाने तक श्री केएस विश्वनाथन, नैसकॉम के कार्यकारी सीईओ है।

ई-क्रांति: डिजिटल इंडिया के अंतर्गत 13 और मिशन मोड प्रॉजेक्ट्स मंज़ूर किए गए।

25 मार्च, 2015 को केबिनेट द्वारा 13 और मिशन मोड प्रॉजेक्ट्स (एमएमपी) मंज़ूर किए गए थे। इससे देश में कुल 44 एमएमपी कार्यान्वित हो रहे है। 13 नए एमएमपी निम्नांकित है:

  • ग्रामीण विकास (रुरल डेवलपमेंट),
  • सामाजिक लाभ,
  • ई-संसद
  • ई-विधान,
  • रोड एंड हाइवे इंफोर्मेशन सिस्टम (राही/आरएएचआई)

आज हम डिजिटल इंडिया समाचार पत्र का पहला संस्करण पढ़ रहे है। यह हम सभी के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है। यह संपादकीय टीम, केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में हमारे प्रतिनिधियों की कडी मेहनत और प्रयासों का एक परिणाम है। यह मासिक समाचार पत्र सभी समाचारों और मौजूदा घटनाक्रम के बारे में जानने के लिए आपका एक पसंदीदा स्थान है, जो ई-गवर्नेंस पहल को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में हो रहे है।

इसे अधिक रोचक और उपयोगी बनाने के लिए हमें आपके सुझाव और प्रतिक्रिया का इन्तज़ार है। यह जानकारी के प्रचार-प्रसार की दिशा में हमारे प्रयास का बस एक छोटा सा कदम है क्योंकि अभी हम डिजिटल रुप से उन्नत और सशक्त राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे है।

एन.आई.सी जी.आई.एस वेबसाइट द्वारा नई उपयोगकर्ता – अनुकूल सुविधाएँ प्रदान करना।

एन.आई.सी ने मंत्रालयों, विभागों, राज्यों/केंद्र शासित क्षेत्रों एवं सामान्य उपयोगकर्ताओं हेतु नई उपयोगकर्ता-अनुकूल सेवाओं की पेशकश करने के लिए अपने ‘भारतमैप’ नामक जीआईएस प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाया किया है।

‘भारत मैप’ वैश्विक भू-स्थानिक मानकों के अनुसार संरेखित, सहज तरीके से देशवार मूल मानचित्रों, उपग्रह चित्रों और हाइब्रिड मानचित्रों को शामिल करने वाला एक मल्टी-लेयर जीआईएस प्लेटफ़ॉर्म है। पब्लिक डोमेन पर स्थित भारत मैप पोर्टल उपयोगकर्ता मंत्रालयों/विभागों/राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को उनके खुद के जीआईएस आधारित मानचित्र बनाने तथा एन.आई.सी जीआईएस भंडार में उपलब्ध आधार मानचित्रों का प्रयोग करके निर्णय समर्थन प्रणाली विकसित करने की अनुमति प्रदान करता है।

त्वरित प्रश्न

प्रश्न सं.1

यदि आप यात्रा कर रहे है और अपनी ट्रेन के वर्तमान स्थान को ट्रैक करना चाहते है, तो आप किस सरकारी वेबसाइट पर जायेंगें?


  • आईआरसीटीसी
  • एनटीईएस
  • भारतीय रेलवे की वेबसाइट

प्रश्न सं. 2

भारत किस वर्ष तक ‘शून्य शुद्ध आयात’ प्राप्त कर लेगा?


  • 2020
  • 2018
  • 2016

प्रश्न सं. 3

डिजिटल इंडिया में कितने आधारभूत स्तंभ है?


  • 5
  • 14
  • 9

संपर्क विवरण

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार)

इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन, 6, सीजीओ कॉम्प्लेक्स,

लोधी रोड, नई दिल्ली: 110003

ईमेल: socialmedia@negp.gov.in

फोन नं.: +91-11-24301851

फैक्स नं.: +91-11-24363101

सबसे पहले इंटरनेट की शुरुआत कब हुई थी?



उत्तर यहां ईमेल करें: socialmedia@negp.gov.in

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