डिजिटल इंडिया न्यूजलेटर सितंबर, २०१६

  • संस्करण 7

    सितंबर २०१६

INDEX

  • डिजिलॉकर नागरिकों को सीधे तौर पर ई-ड्राइविंग लाइसेंस तथा ई-वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र जारीकरण

    माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री (एमओआरटीएच) श्री नितिन गड़करी और माननीय इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, विधि एवं न्याय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने 7 सितंबर, 2016 को नई दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट भवन के मीडिया हॉल में संयुक्त रूप से एक नई सेवा की शुरूआत की। इस नई सेवा के तहत डिजिलॉकर को ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ एकीकृत किया गया है।
    श्री रवि शंकर प्रसाद ने घोषणा करते हुए कहा कि इस एकीकरण की परिकल्पना कागज रहित प्रशासन के स्वप्न को साकार करने के लिए की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया को सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से चपल और दक्ष बनाना है।

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    गुजरात में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एस.टी.पी.आई. सूरत इन्क्युबेशन सेंटर

    गांधीनगर के सॉफ़्टवेयर टेक्नॉलॉजी पार्क ऑफ़ इंडिया ने अपने शुरुआती दिनों से ही गुजरात राज्य से आईटी निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन वर्षों के दौरान, एस.टी.पी.आई. गांधीनगर ने राज्य का एक पसंदीदा आईटी गंतव्य के रूप में प्रचार करने में निर्णायक भूमिका निभाई है और साथ ही आईटी निर्यात के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियाँ बढ़ाकर आई.टी./आई.टी.ई.एस. उद्योग के लिए एक हरफ़नमौला एजेंसी के रूप में काम किया है। वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान गुजरात राज्य ने कुल 2,223 करोड़ रुपये का सॉफ़्टवेयर निर्यात किया। एस.टी.पी.आई. के प्रयासों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा करके राज्य के समग्र आर्थिक विकास में भी योगदान किया है।

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  • डिजिटल ‘रथ’ अभियान के 90 दिन पूरे, चरण-II के राज्यों में शुरुआत

    डिजिटल इंडिया आउटरीच अभियान (#DigitalRath) अपने द्वितीय चरण में पहुँच चुका है और 16 राज्यों में मिली सफलता के बाद, अब भारत के 18 अन्य राज्यों में इसकी शुरुआत की जा रही है। द्वितीय चरण की शुरुआत मध्य प्रदेश और उत्तराखंड से की गई है। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
    डिजिटल ‘रथ’ अभियान की प्रचार वैनों द्वारा विभिन्न स्थानों पर गतिविधियाँ आयोजित कीं, जिसमें नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिए। इस समय, देश भर में ऐसी 52 प्रचार वैनें कार्यरत हैं, जो डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और उसके उद्देश्यों के संबंध में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ डिजिटल इंडिया के तहत राज्य-विशिष्ट पहलों की जानकारी भी प्रदान कर रही हैं।

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    आईसीटी की उभरती तकनीक तथा डिजिटल इंडिया हेतु यूएसओएफ़

    10 अगस्त, 2016 को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ कम्युनिकेशन फाइनेंस की ओर से “डिजिटल इंडिया के लिए आईसीटी की उभरती हुई तकनीकें और यूएसओएफ़” विषय पर एक दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन माननीय संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा के द्वारा किया गया। माननीय मंत्री महोदय ने डिजिटल इंडिया के स्वप्न को साकार करने के लिए नवाचार को इसकी कुंजी बताया और टुकड़ों में बंटी योजनाएं बनाने के बजाय समग्र योजना बनाने की बात कही।

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  • दिव्यांगों के लिए ‘सुगम्य पुस्तकालय’ नाम से ई-पुस्तकालय की हुई शुरूआत

    दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) ने दिव्यांगता के कारण पढ़ने में असमर्थ व्यक्तियों हेतु ‘सुगमन्य पुस्तकालय’ नाम से ई-पुस्तकालय की शुरूआत की है। इस पहल को भारत सरकार के ‘सुलभ भारत’ अभियान के लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल ‘सार्वभौमिक सुलभता’ की स्थिति प्राप्त करने पर अपना ध्यान केंद्रित करती है।

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    इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने की इलेक्ट्रोपेन्योर पार्क की शुरूआत

    इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने ‘इलेक्ट्रोपेन्योर पार्क’ ऊष्मायन (इन्क्यूबेशन) केंद्र की स्थापना की है, जो कि भारत में इलेक्ट्रोनिक सिस्टम्स डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) क्षेत्र का अपने तरह का पहला केंद्र है। यह इलेक्ट्रोपेन्योर पार्क ईएसडीएम क्षेत्र में सफल नवाचारों का निर्माण करने के साथ-साथ उन्हें विकसित, प्रोत्साहित, नियोजित, इनकुबेट और मार्गदर्शन प्रदान करने का कार्य करेगा।

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  • शीघ्र ही होगी साइबर सुरक्षा समन्वय केंद्र की स्थापना: रवि शंकर प्रसाद

    देश के साइबर स्पेस को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एक साइबर सुरक्षा समन्वय केंद्र को स्थापित करने की योजना बना रही है।

    प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो द्वारा आयोजित किए गए क्षेत्रीय संपादकों के सम्मेलन में केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और विधि एवं न्याय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने साइबर सुरक्षा पर सरकार के ध्यान को रेखांकित किया।

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    सरकारी वितरण प्रणाली में सुधार के लिए डीबीटी पोर्टल की हुई शुरूआत

    16 अगस्त, 2016 को कैबिनेट सचिव श्री पी.के.सिन्हा के द्वारा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण मिशन (डीबीटी) के एक नए और गतिशील पोर्टल - www.dbtbharat.gov.in की शुरूआत की गई। इसकी शुरूआत के लिए नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के कैबिनेट सचिवालय के समिति कक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

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  • #डिजिटल पाठशाला के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए 120 विश्वविद्यालय कार्यशालाएं

    डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आईटी (इंडियन टैलेंट) तथा आईटी (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) को साथ मिला कर आईटी (इंडिया टूमॉरो) के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के परिवर्तनकारी स्वप्न को पूरा करना है। अपनी शुरूआत से ही डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम ने भारतीय युवाओं को आकर्षित किया है। भारत दुनिया का एक ऐसा ‘युवा’ देश बनने की राह पर अग्रसर है, जहां वर्तमान में 15-64 आयु वर्ग के लगभग 0.72 बिलियन लोग कामकाजी हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग किया जाए और उन्हें सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के प्रति जागरूक किया जाए।

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    श्री रविशंकर प्रसाद द्वारा ‘ट्रांसफ़ॉर्मिंग इंडिया’ पोर्टल का विमोचन

    केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा कानून व न्याय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने 15 जुलाई, 2016 को नई दिल्ली में नए ‘ट्रांसफ़ॉर्मिंग इंडिया’ पोर्टल - www.transformingindia.mygov.in का विमोचन किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, कानून एवं न्याय राज्य मंत्री श्री पी.पी. चौधरी भी इस मौक़े पर उपस्थित थे।

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  • मुम्बई को नि:शुल्क उपयोग के लिए मिले कई वाई-फाई हॉटस्पॉट

    ऐसे में जबकि 4जी क्रांति को भारत का अगला बड़ा डिजिटल कदम बताया जा रहा है, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले वर्षों में नि:शुल्क सार्वजनिक वाई-फाई की सुविधा बड़ी तेजी से विकसित होगी। मुम्बई देश के उन पहले शहरों में से एक होगा, जो इस बदलाव को स्वीकार करेगा। कई अन्य महानगर और राज्य भी नि:शुल्क सार्वजनिक वाई-फाई की सुविधा प्रदान करने की तैयारी कर रहे हैं।

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    तेलंगाना के शासकीय हाई स्कूलों में होगा डिजिटल क्लासरूमों का निर्माण

    तेलंगाना के शासकीय हाई स्कूलों में जल्द ही उन्नत तकनीकों के कुशल संयोजन का उपयोग करके डिजिटल क्लासरूमों का निर्माण किया जाएगा, जिससे राज्य की शिक्षा प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार आएगा। ये डिजिटल क्लासरूम 6,000 से भी अधिक स्कूलों में बनवाए जाएँगे और इनमें कंप्यूटरों और प्रोजेक्टर्स की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, छात्रों को कंप्यूटर का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जैसे कि एम.एस. ऑफ़िस और पावरपॉइंट।

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  • वर्ष 2020 तक भारत में इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्या 400 मिलियन हो जाएगी, इनमें से 75% ग्रामीण भारत से होंगे - नैसकॉम

    नैसकॉम और अकामाई टेक्नोलॉजीज़ के द्वारा ‘भारत में इंटरनेट का भविष्य’ नाम से जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या शीघ्र ही अमेरिका से अधिक हो जाएगी। इस प्रकार भारत 300 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के साथ चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन जाएगा। वर्ष 2020 तक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 400 मिलियन तक पहुंचाने की योजना है, जिनमें से 75 प्रतिशत उपयोगकर्ता ग्रामीण भारत से होंगे। ऐसा होने पर उम्मीद है कि वृद्धि की यह दर वैश्विक औसत की तीन गुनी होगी। इस तरह देश में इंटरनेट का उपयोग करने वालों की संख्या अगले पांच वर्षों में विश्व के कुल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या के 40 प्रतिशत हिस्से के बराबर हो जाएगी।

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    सर्वश्रेष्ठ डिजिटल नवाचारकों का सम्मान – डिजिटाइजिंग इंडिया अवार्ड

    विभिन्न वर्गों तथा क्षेत्रों के सर्वश्रेष्ठ डिजिटल नवाचारकों को सम्मान देने के लिए सिस्को तथा सीएनबीसी टीवी18 के द्वारा संयुक्त रूप से 18 जुलाई, 2016 को नई दिल्ली के ताज पैलेस में “डिजिटाइजिंग इंडिया” अवार्ड के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया। इस सम्मान समारोह में भारत को डिजिटल रूप प्रदान करने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले देश भर के उद्योगों तथा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस सम्मान के विजेताओं ने डिजिटल इंडिया की यात्रा में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है।

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  • डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए गोवा ने गूगल के साथ समझौते पर किया हस्ताक्षर

    गोवा सरकार ने गूगल इंडिया के साथ डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के लिए इंटरनेट सुरक्षा शिक्षा का विकास करने, एंड्रॉयड के विकास को बढ़ावा देने और सरकारी वेबसाइटों को मोबाइल फ़ोन पर उपयोग के लिए आसान बनाने के लिए एक समझौते के ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है, ताकि पूरे राज्य में डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया को गति प्रदान की जा सके। गोवा के मुख्यमंत्री श्री लक्ष्मीकांत पारसेकर और गूगल के दक्षिण-पूर्व एशिया एवं भारत के उपाध्यक्ष श्री राजन आनंदन ने पणजी में इस समझौते के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।
    शुरूआती तौर पर राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में गूगल इंडिया के सहयोग से कक्षा 9 से लेकर 12 तक के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम का हस्सा बना कर इंटरनेट सुरक्षा शिक्षा की शुरूआत करेगी। इस विशेष कार्यक्रम का निर्माण गूगल ने विशेषज्ञों से परामर्श लेकर किया है।

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    भारत में डिजिटल बैंकिंग के इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय – यूनिक पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) एप्लीकेशन हुआ शुरू

    भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा विकसित किए गए यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (यूपीआई) एप्लीकेशन ने 25 अगस्त, 2016 से 25 बैंकों के लिए कार्य करना शुरू कर दिया है। ग्राहक अब इस एप्लीकेशन का उपयोग खुदरा दुकानों से खरीदारी करते समय कर सकते हैं। यह एप्लीकेशन ग्राहकों के लिए बनाए गए “भुगतान के एक आभासी पते” का उपयोग कर खुदरा दुकानों को बिल बनाने और सुरक्षित भुगतान स्वीकार करने के लिए अधिकृत करता है, जो कि इसके बदले में लेनदेन हेतु एक पहचानकर्ता के रूप में कार्य करता है।

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  • डिजिटल इंडिया - युवा शक्ति

    सुनील शर्मा, वरिष्ठ महाप्रबंधक, एनईजीडी

    फोर्ड मोटर्स के संस्थापक हेनरी फोर्ड ने एक बार कहा था, “कोई भी व्यक्ति जो सीखना छोड़ देता है, वह बूढ़ा हो जाता है, चाहे उसकी उम्र बीस वर्ष हो या अस्सी वर्ष। जो व्यक्ति सीखना जारी रखता है, वह जवान रहता है। जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि आप अपने मस्तिषक को जवान रखें।”
    एनईजीडी में बीते सप्ताह हमने एक महत्वपूर्ण सबक सीखा – उपलब्धि अक्सर अज्ञात होती है।

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    मोबाइल एप्लीकेशन से हो रही है शैक्षणिक क्रांति – इमरान खान

    कभी सुना है कि किसी संस्कृत के शिक्षक ने लोगों को यह भाषा सीखने में मदद करने के लिए संस्कृत भाषा का मोबाइल एप्प बनाया हो? ऐसा हुआ है, उनके बनाए एप्लीकेशन को लाखों बार डाउनलोड किया जा चुका है और यहां तक कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी लंदन के वेम्बले स्टेडियम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए उनकी इस उपब्लधि की यह कहते हुए प्रशंसा कर चुके हैं, “मेरा भारत अलवर के उस इमार खान में बसता है।”

    जी हां, हम किसी और की नहीं, बल्कि उन्हीं इमरान खान की बात कर रहे हैं, जो कि राजस्थान के अलवर शहर के सुप्रसिद्ध और प्रतिष्ठित निवासी हैं। हमें उनका साक्षात्कार करने और उनकी अब तक की रोचक तथा प्रेरक यात्रा के बारे में जानने का अवसर मिला। उन्होंने एक छोटे से शहर से शुरूआत कर डिजिटल इंडिया क्रांति का सुप्रसिद्ध चेहरा बनने तक का सफर तय किया है।

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  • प्रधान संपादक का संदेश


    भारत सरकार द्वारा शुरू की गई बदलाव की पहलों और उनकी प्रगति के संबंध में सूचनाएं साझा करने के हमारे अनवरत प्रयासों की कड़ी के रूप में डिजिटल इंडिया ई-न्यूजलेटर के इस 7 वें अंक को पेश करते हुए हमें अपार प्रसन्नता हो रही है। डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने में योगदान देने के देशभक्ति से भरे उत्साह के साथ भारत ने 15 अगस्त, 2016 को 70 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।

    पिछले दो वर्षों के शासन में ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के तहत शुरू की गई कई पहलों ने देश के डिजिटल वातावरण को रूपांतरित करने में मदद की है और यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी सेवाएं इलेक्ट्रोनिक तरीके से नागरिकों को उपलब्ध हो सके। हमने यह देखा है कि सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र के कई भागीदारों ने इस यात्रा में नवप्रवर्तकों और समर्थकों के रूप में शामिल होकर डिजिटल इंडिया के अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया है।

    डिजिटल इंडिया ई-न्यूजलेटर के इस 7 वें अंक में भारत की डिजिटल क्रांति के कुछ ऐसे महत्वपूर्ण वास्तुकारों को शामिल किया गया है, जो कि प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने और देश को डिजिटल युग में लेकर जाने में योगदान दे रहे हैं। इन मौजूदा पहलों के प्रभाव ने एक ऐसे स्थायी तकनीक वाले वातावरण का निर्माण करने के लिए, जो कि देश के लिए समाधान विकसित करे, नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करने हेतु एक मंच प्रदान करने के विचार को प्रेरित किया है।

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  • शब्द पहेली


    प्रश्न 1. जब आप संगठन बदलते हैं, तो अपनी भविष्य निधि तथा अन्य विवरणों के हस्तांतरण हेतु आपको इस संख्या को उदृधत करना पड़ता है। इससे सही शब्द बनाएं।
    ASVIELNUR TNOCUAC RBUNME

    प्रश्न 2. इस आभासी उपकरण के माध्यम से अभिभावक इस बात पर नजर रख सकते हैं कि उनका बच्चा अपनी कक्षा में उपस्थित है या नहीं। इससे सही शब्द बनाएं।
    AASLH PAARND

    प्रश्न 3. अभियान की तरह चलाई जा रही इस परियोजना का लक्ष्य सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध सामग्री को स्थानीय/क्षेत्रीय भाषा में प्रदान करना है। इससे सही शब्द बनाएं।
    HSAHAEB

    प्रश्न 4. एक सरकारी संस्था, जो 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिक फाइबर बिछाने के लिए उत्तरदायी है।
    RHABTA OBDADBARN MAGIN DIEMILT

    पिछले अंक में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर

    टिप्पणियां

    • शेखर गुप्ता: भ्रष्टाचार सहित भारत की कई बड़ी समस्याओं का समाधान डिजिटलीकरण में निहित है। इसलिए इस संबंध में किए जा रहे प्रयासों का स्वागत है और इनकी प्रशंसा की जानी चाहिए।
    • राहुल कुमार: बहुत अच्छा अभियान...सरकार को इससे जुड़ी सूचनाओं का भी थोड़ा प्रचार करना चाहिए ताकि लोगों में इस क्रांति के प्रति जागरूकता उत्पन्न हो सके...जैसे कि एसएमएस, ई-मेल, सरकारी विभागों द्वारा सीएससी केंद्रों द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में सूचनाएं साझा करना...इस डिजिटल अभियान का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
    • भुवनेश अवस्थी राम: एक नई सोच, एक नया भारत। प्रत्येक हिंदुस्तानी अपने आप पर गर्व करता है और करता रहेगा। इस ई-हस्ताक्षर से
    • @r_vishen: @_DigitalIndia @rsprasad बच्चों को शिक्षित करने का बहुत सुंदर तरीका, क्योंकि उन्हें ही डिजिटल इंडिया का सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
    • @aashish81us: भारत डिजिटल बन रहा है और हमारे नागरिक भी #DigitalPathshala
    • @deepakkj6: @BSNLCorporate मात्र 549 रुपए में 3जी योजना शुरू करने के लिए शुक्रिया। यह मेरे जैसे युवा के लिए एकदम उपयुक्त योजना है :-) #digitalindia आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं (Y)
  • संपादकीय

    • मुख्य संपादक:
      सुश्री एस. राधा चौहान (भाप्रसे),
      अध्यक्षा एवं मुख्य कार्यकारी अधिकार एनईजीडी


      डिजाइन एवं संकल्पना, संपादन
      एमएसएल ग्रुप
    • संपादकीय टीम:
      प्रेमजीत लाल
      सुनील शर्मा
      पायल भट्टाचार्जी
      ईशान भटकोती

    संपर्क जानकारी

    http://www.digitalindia.gov.in/content/contact-us

    इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
    ईलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन,
    6, सीजीओ कॉम्पलेक्स लोधी रोड,
    नई दिल्लीः 110003

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